The Vision of Śiva· 3.19 / 99

The Vision of Śiva3.19

3.19
न भूषणे कुडलादौ यथा तत्र स्वशक्तितः । रूपकत्वं गतं हेम न शक्त्यैव स्वतन्त्रया ॥१९॥
na bhūṣaṇe kuḍalādau yathā tatra svaśaktitaḥ | rūpakatvaṃ gataṃ hema na śaktyaiva svatantrayā
— केवल नहीं ; — भूषण में ; — कुण्डल आदि में ; — जैसे ; — वहाँ ; — अपनी ही शक्ति से ; — रूपकत्व (आकार) ; — प्राप्त ; — सोना ; — नहीं ; — केवल शक्ति से ; — स्वतन्त्र (पृथक्)

(सुवर्णत्व केवल) कुण्डल आदि भूषण में ही नहीं (होता); जैसे वहाँ सोना अपनी ही शक्ति से रूपकत्व (आकार) को प्राप्त हुआ है — न कि किसी स्वतन्त्र (पृथक्) शक्ति से।