The Vision of Śiva· 2.39 / 90

The Vision of Śiva2.39

2.39
नहि तस्या निमित्तं वा कारणं समवायि वा । निमित्तत्त्वे पृथक्त्वं स्यात्समवाये तदात्मता ॥३९॥
nahi tasyā nimittaṃ vā kāraṇaṃ samavāyi vā | nimittattve pṛthaktvaṃ syātsamavāye tadātmatā
— क्योंकि नहीं ; — उसका ; — निमित्त (कारण) ; — अथवा ; — कारण ; — समवायी (उपादान) ; — अथवा ; — निमित्त होने पर ; — पृथक्त्व ; — होगा ; — समवायी होने पर ; — तदात्म्य (एकता)

क्योंकि उसका (मध्यमा का) न तो निमित्त कारण है, न समवायी (उपादान) कारण: निमित्त होने पर पृथक्त्व आएगा, समवायी होने पर तदात्म्य (एकता आएगी — दोनों ही प्रकार से उसका परा-एकत्व भंग होगा)।