Verses on the Recognition of the Lord13.10
त्रयोविंशतिधा मेयं यत् कार्यकरणात्मकम्
तस्याविभागरूप्य् एकं प्रधानं मूलकारणम् ॥१०॥
trayoviṃśatidhā meyaṃ yat kāryakaraṇātmakam
tasyāvibhāgarūpy ekaṃ pradhānaṃ mūlakāraṇam
— तेईस प्रकार का ; — ज्ञेय ; — जो ; — कार्य और करण-स्वरूप ; — उसका ; — अविभाग-रूप ; — एक ; — प्रधान — प्रकृति (मूल प्रकृति) ; — मूल कारण जो ज्ञेय कार्य और करण-स्वरूप है, वह तेईस प्रकार का है; उसका एक अविभाग-रूप प्रधान (प्रकृति), मूल कारण है।