त्रयोदशविधा चात्र बाह्यान्तःकरणावली
कार्यवर्गश् च दशधा स्थूलसूक्ष्मत्वभेदतः ॥११॥
trayodaśavidhā cātra bāhyāntaḥkaraṇāvalī
kāryavargaś ca daśadhā sthūlasūkṣmatvabhedataḥ
— तेरह प्रकार की; — और; — यहाँ, इनमें; — बाह्य और आन्तरिक करणों की आवली (श्रेणी); — कार्य-वर्ग — विषय-समूह (के); — और; — दस प्रकार का; — स्थूल-सूक्ष्म के भेद से
और इनमें बाह्य तथा आन्तरिक करणों की आवली (श्रेणी) तेरह प्रकार की है, और कार्य-वर्ग (विषय-समूह) स्थूल-सूक्ष्म के भेद से दस प्रकार का है।