Verses on the Recognition of the Lord· 13.11 / 11

Verses on the Recognition of the Lord13.11

13.11
त्रयोदशविधा चात्र बाह्यान्तःकरणावली कार्यवर्गश् च दशधा स्थूलसूक्ष्मत्वभेदतः ॥११॥
trayodaśavidhā cātra bāhyāntaḥkaraṇāvalī kāryavargaś ca daśadhā sthūlasūkṣmatvabhedataḥ
— तेरह प्रकार की ; — और ; — यहाँ, इनमें ; — बाह्य और आन्तरिक करणों की आवली (श्रेणी) ; — कार्य-वर्ग — विषय-समूह (के) ; — और ; — दस प्रकार का ; — स्थूल-सूक्ष्म के भेद से

और इनमें बाह्य तथा आन्तरिक करणों की आवली (श्रेणी) तेरह प्रकार की है, और कार्य-वर्ग (विषय-समूह) स्थूल-सूक्ष्म के भेद से दस प्रकार का है।