एवम् अन्तर्बहिर्वृत्तिः क्रिया कालक्रमानुगा
मातुर् एव तदन्योन्यावियुक्ते ज्ञानकर्मणी ॥१॥
evam antarbahirvṛttiḥ kriyā kālakramānugā
mātur eva tadanyonyā-viyukte jñānakarmaṇī
— इस प्रकार; — भीतर और बाहर प्रवृत्त होने वाली; — क्रिया; — काल-क्रम का अनुगमन करने वाली; — प्रमाता की ही; — वह, उसके; — परस्पर अवियुक्त (अविभाज्य) (द्विवचन); — ज्ञान और क्रिया (द्विवचन)
इस प्रकार भीतर और बाहर प्रवृत्त होने वाली, काल-क्रम का अनुगमन करने वाली क्रिया प्रमाता की ही है; और (उसके) ज्ञान और क्रिया परस्पर अवियुक्त (अविभाज्य) हैं।