Verses on the Recognition of the Lord· 12.18 / 21

Verses on the Recognition of the Lord12.18

12.18
एकात्मनो विभेदश् च क्रिया कालक्रमानुगा तथा स्यात् कर्तृतैवैवं तथापरिणमत् तया ॥१८॥
ekātmano vibhedaś ca kriyā kālakramānugā tathā syāt kartṛtaivaivaṃ tathāpariṇamat tayā
— एक-स्वरूप (प्रमाता) का ; — विभेद, विभाजन ; — और ; — क्रिया ; — काल-क्रम का अनुगमन करने वाली ; — इस प्रकार ; — हो (विधि, √अस्) ; — कर्तृता ही ; — इस प्रकार ; — उसी प्रकार ; — (स्वयं) परिणत न होता हुआ (वर्तमान कृदन्त) ; — उस (क्रिया) के द्वारा

और एक-स्वरूप (प्रमाता) का विभेद, जो काल-क्रम के अनुगामी क्रिया है, वही उसकी कर्तृता होगी; इस प्रकार (स्वयं) परिणत हुए बिना ही, उस (क्रिया) के द्वारा (वह कर्ता और कार्य रूप में प्रतीत होता है)।