एकात्मनो विभेदश् च क्रिया कालक्रमानुगा
तथा स्यात् कर्तृतैवैवं तथापरिणमत् तया ॥१८॥
ekātmano vibhedaś ca kriyā kālakramānugā
tathā syāt kartṛtaivaivaṃ tathāpariṇamat tayā
— एक-स्वरूप (प्रमाता) का; — विभेद, विभाजन; — और; — क्रिया; — काल-क्रम का अनुगमन करने वाली; — इस प्रकार; — हो (विधि, √अस्); — कर्तृता ही; — इस प्रकार; — उसी प्रकार; — (स्वयं) परिणत न होता हुआ (वर्तमान कृदन्त); — उस (क्रिया) के द्वारा
और एक-स्वरूप (प्रमाता) का विभेद, जो काल-क्रम के अनुगामी क्रिया है, वही उसकी कर्तृता होगी; इस प्रकार (स्वयं) परिणत हुए बिना ही, उस (क्रिया) के द्वारा (वह कर्ता और कार्य रूप में प्रतीत होता है)।