परस्परस्वभावत्वे कार्यकारणयोर् अपि
एकत्वम् एव भेदे हि नैवान्योन्यस्वरूपता ॥१७॥
parasparasvabhāvatve kāryakāraṇayor api
ekatvam eva bhede hi naivānyonyasvarūpatā
— (यदि) परस्पर एक-दूसरे के स्वभाव वाले हों; — कार्य और कारण के (द्विवचन); — भी; — एकता ही (होगी); — (यदि) भेद हो; — क्योंकि; — नहीं (बनता); — परस्पर एक-दूसरे का स्वरूप होना
यदि कार्य और कारण परस्पर एक-दूसरे के स्वभाव वाले हों, तो (उनमें) एकता ही होगी; और यदि भेद हो, तो परस्पर एक-दूसरे का स्वरूप होना कभी नहीं (बनता)।