Verses on the Recognition of the Lord12.16
अत एव विभक्त्यर्थः प्रमात्रेकसमाश्रयः
क्रियाकारकभावाख्यो युक्तो भावसमन्वयः ॥१६॥
ata eva vibhaktyarthaḥ pramātrekasamāśrayaḥ
kriyākārakabhāvākhyo yukto bhāvasamanvayaḥ
— इसी कारण ; — विभक्ति का अर्थ ; — जिसका आधार एक प्रमाता है ; — क्रिया-कारक-भाव कहलाने वाला ; — युक्त, उचित (भूत कृदन्त) ; — भावों का समन्वय इसी कारण विभक्ति का अर्थ — जिसका आधार एक प्रमाता है, और जो क्रिया-कारक-भाव कहलाता है — वह भावों का समन्वय युक्त (सम्भव) होता है।