Verses on the Recognition of the Lord· 10.5 / 7

Verses on the Recognition of the Lord10.5

10.5
जातिद्रव्यावभासानाम् बहिर् अप्य् एकरूपताम् व्यक्त्येकदेशभेदं चाप्य् आलम्बन्ते विकल्पनाः ॥५॥
jātidravyāvabhāsānām bahir apy ekarūpatām vyaktyekadeśabhedaṃ cāpy ālambante vikalpanāḥ
— जाति और द्रव्य के आभासों की ; — बाहर भी (बाह्य रूप में) ; — भी ; — एकरूपता को ; — व्यक्ति और एकदेश (अंश) के भेद को ; — और भी ; — आलम्बन लेते हैं (√लम्ब्+आ, आत्मनेपद) ; — विकल्पनाएँ — विकल्प

विकल्प, जाति और द्रव्य के आभासों की बाह्य रूप से (प्रतीत होने वाली) एकरूपता का, तथा व्यक्ति और एकदेश (अंश) के भेद का भी आलम्बन लेते हैं।