Verses on the Recognition of the Lord· 10.6 / 7

Verses on the Recognition of the Lord10.6

10.6
क्रियाविमर्शविषयः कारकाणां समन्वयः अवध्यवधिमद्भावान्वयालम्बा दिगादिधीः ॥६॥
kriyāvimarśaviṣayaḥ kārakāṇāṃ samanvayaḥ avadhyavadhimadbhāvā-nvayālambā digādidhīḥ
— क्रिया के विमर्श को विषय बनाने वाला ; — कारकों का (क्रिया-सहभागियों का) ; — समन्वय — परस्पर अन्वय ; — अवधि और अवधिमान् (सीमायुक्त) के अन्वय पर आश्रित ; — दिक् (दिशा) आदि का ज्ञान

कारकों का समन्वय क्रिया के विमर्श को विषय बनाता है; और अवधि (सीमा) तथा अवधिमान् (सीमायुक्त) के अन्वय (सम्बन्ध) पर आश्रित दिक् आदि का ज्ञान (होता है)।