— क्रिया के विमर्श को विषय बनाने वाला; — कारकों का (क्रिया-सहभागियों का); — समन्वय — परस्पर अन्वय; — अवधि और अवधिमान् (सीमायुक्त) के अन्वय पर आश्रित; — दिक् (दिशा) आदि का ज्ञान
कारकों का समन्वय क्रिया के विमर्श को विषय बनाता है; और अवधि (सीमा) तथा अवधिमान् (सीमायुक्त) के अन्वय (सम्बन्ध) पर आश्रित दिक् आदि का ज्ञान (होता है)।