taddvayālambanā etā mano 'nuvyavasāyi sat
karoti mātṛvyāpāramayīḥ karmādikalpanāḥ
— उन दोनों (एक-अनेक) का आलम्बन लेने वाले; — ये; — मन; — अनुव्यवसाय (अनुगामी निश्चय) करने वाला; — होता हुआ (√अस्, वर्तमान कृदन्त); — करता है (√कृ); — प्रमाता के व्यापार-मय; — कर्म आदि (कारक) की कल्पनाएँ
उन दोनों (एक और अनेक) का आलम्बन लेने वाले ये (ज्ञान), तथा अनुव्यवसाय (अनुगामी निश्चय) करने वाला मन — प्रमाता के व्यापार से युक्त कर्म आदि की कल्पनाओं (कारक-निरूपणों) को रचता है।