कामात्मानः स्वर्गपरा जन्मकर्मफलेप्सवः ।
क्रियाविशेषबहुला भोगैश्वर्यगतीः प्रति ॥
२-४४ ॥
kāmātmānaḥ svargaparā janmakarmaphalepsavaḥ |
kriyāviśeṣabahulā bhogaiśvaryagatīḥ prati ||
2-44 ||
— कामनापूर्ण, स्वर्ग को परम मानने वाले, जन्म-कर्म के फल की इच्छा रखने वाले, भोग और ऐश्वर्य की प्राप्ति की ओर ले जाने वाली अनेक विशेष क्रियाओं से भरी हुई।