Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)· 2.36 / 74

Bhagavad Gītā (Kashmirian recension)2.36

2.36
भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः । येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम् ॥ २-३६ ॥
bhayādraṇāduparataṃ maṃsyante tvāṃ mahārathāḥ | yeṣāṃ ca tvaṃ bahumato bhūtvā yāsyasi lāghavam || 2-36 ||
— भय से युद्ध से विमुख हुआ ; — महारथी तुझे मानेंगे ; — जिनकी दृष्टि में तू बहुमानित था ; — तू लघुता को प्राप्त होगा

महारथी लोग तुम्हें भय से युद्ध से विमुख हुआ मानेंगे; और जिनकी दृष्टि में तुम बहुमानित थे, उनकी दृष्टि में तुम लघु (तुच्छ) हो जाओगे।