भयाद्रणादुपरतं मंस्यन्ते त्वां महारथाः ।
येषां च त्वं बहुमतो भूत्वा यास्यसि लाघवम् ॥
२-३६ ॥
bhayādraṇāduparataṃ maṃsyante tvāṃ mahārathāḥ |
yeṣāṃ ca tvaṃ bahumato bhūtvā yāsyasi lāghavam ||
2-36 ||
महारथी लोग तुम्हें भय से युद्ध से विमुख हुआ मानेंगे; और जिनकी दृष्टि में तुम बहुमानित थे, उनकी दृष्टि में तुम लघु (तुच्छ) हो जाओगे।