The Great Liberation Tantra· 2.43 / 54

The Great Liberation Tantra2.43

2.43
तेनान्तर्यामिरूपेण तत्तद्विषययोजिताः । स्वस्वकर्म प्रकुर्वन्ति न स्वतन्त्राः कदाचन ॥४३॥
tenāntaryāmirūpeṇa tattadviṣayayojitāḥ | svasvakarma prakurvanti na svatantrāḥ kadācana ||43||
— उसी के द्वारा ; — अन्तर्यामी-रूप से ; — अपने-अपने विषयों में नियुक्त ; — अपना-अपना कर्म ; — करती हैं ; — नहीं ; — स्वतन्त्र ; — कभी

उसी के द्वारा अन्तर्यामी-रूप से अपने-अपने विषयों में नियुक्त होकर (शक्तियाँ) अपना-अपना कर्म करती हैं — कभी स्वतन्त्र नहीं।