एवम् अयं तत्त्वभेद एव परमेश्वरानुत्तरनयैकाख्ये निरूपितः भुवनभेदवैचित्र्यं करोति नरकस्वर्गरुद्रभुवनानां पार्थिवत्वे समाने ऽपि दूरतरस्य स्वभावभेदस्य उक्तत्वात्
Transliteration (IAST)
evam ayaṃ tattvabheda eva parameśvarānuttaranayaikākhye nirūpitaḥ bhuvanabhedavaicitryaṃ karoti narakasvargarudrabhuvanānāṃ pārthivatve samāne 'pi dūratarasya svabhāvabhedasya uktatvāt
इस प्रकार यह तत्त्व-भेद ही परमेश्वर-अनुत्तर-नय नामक एक (पद्धति) में निरूपित किया गया, जो भुवन-भेद की विचित्रता उत्पन्न करता है — क्योंकि नरक, स्वर्ग एवं रुद्र-भुवनों के पार्थिवत्व (पृथिवी-स्वभाव) के समान होने पर भी उनमें दूरतर (अत्यन्त गहन) स्वभाव-भेद कहा गया है।