शिवस्य तु प्रकाशैकचित्स्वातन्त्र्यनिर्भरस्य न को ऽपि भेदः परिपूर्णत्वात्
Transliteration (IAST)
śivasya tu prakāśaikacitsvātantryanirbharasya na ko 'pi bhedaḥ paripūrṇatvāt
किन्तु प्रकाश-एक-चित्-स्वातन्त्र्य से निर्भर शिव का कोई भी भेद नहीं, क्योंकि वह परिपूर्ण है।