तदुपरागकृतश् च शक्तिमत्सु प्रमातृषु भेदः करणभेदस्य कर्तृभेदपर्यवसानात् शक्तेर् एव च अव्यतिरिक्तायाः करणीकर्तुं शक्यत्वात् न अन्यस्य अनवस्थाद्यापत्तेः
Transliteration (IAST)
taduparāgakṛtaś ca śaktimatsu pramātṛṣu bhedaḥ karaṇabhedasya kartṛbhedaparyavasānāt śakter eva ca avyatiriktāyāḥ karaṇīkartuṃ śakyatvāt na anyasya anavasthādyāpatteḥ
और उसके उपराग (तिंगन) से शक्तिमान् प्रमाताओं में भेद (होता है), क्योंकि करण-भेद कर्तृ-भेद में पर्यवसित होता है; और (अपने धारक से) अव्यतिरिक्त शक्ति को ही करण बनाया जा सकता है, अन्य को नहीं, क्योंकि (अन्यथा) अनवस्था आदि का प्रसंग आ जायेगा।