The Essence of the Tantra· 8.67 / 93

The Essence of the Tantra8.67

8.67

ततो गुणतत्त्वात् बुद्धितत्त्वं यत्र पुम्प्रकाशो विषयश् च प्रतिबिम्बम् अर्पयतः

Transliteration (IAST)

tato guṇatattvāt buddhitattvaṃ yatra pumprakāśo viṣayaś ca pratibimbam arpayataḥ

— गुण-तत्त्व से ; — बुद्धि-तत्त्व ; — पुम्-प्रकाश — पुरुष का प्रकाश ; — विषय ; — दोनों प्रतिबिम्ब अर्पित करते हैं (उस पर)

फिर उस गुण-तत्त्व से बुद्धि-तत्त्व (उत्पन्न होता है), जहाँ पुम्-प्रकाश (पुरुष का प्रकाश) और विषय प्रतिबिम्ब अर्पित करते हैं।