The Essence of the Tantra· 6.27 / 82

The Essence of the Tantra6.27

6.27

तत्र मानुषं वर्षं देवानां तिथिः अनेन क्रमेण दिव्यानि द्वादशवर्षसहस्राणि चतुर्युगम्

Transliteration (IAST)

tatra mānuṣaṃ varṣaṃ devānāṃ tithiḥ anena krameṇa divyāni dvādaśavarṣasahasrāṇi caturyugam

— मानुष वर्ष — मनुष्य का वर्ष ; — देवों का ; — तिथि ; — दिव्य (वर्ष) ; — बारह हजार वर्ष ; — चतुर्युग — चार युगों का चक्र

उसमें मानुष वर्ष देवों की एक तिथि है। इस क्रम से बारह हजार दिव्य वर्ष एक चतुर्युग (होते हैं)।