तज्ज्ञः शास्त्रे मुक्तः परकुलविज्ञानभाजनं गर्भः । शून्याशून्यालयं कुर्याद् एकदण्डे ऽनलानिलौ
Transliteration (IAST)
tajjñaḥ śāstre muktaḥ parakulavijñānabhājanaṃ garbhaḥ | śūnyāśūnyālayaṃ kuryād ekadaṇḍe 'nalānilau
उसका ज्ञाता, शास्त्र में (शास्त्र के अनुसार) मुक्त, पर-कुल-विज्ञान का भाजन (पात्र) एवं गर्भ (आन्तर बीज) — शून्य एवं अशून्य के आलय (आश्रय) को (अपना धाम) बना ले, एक ही दण्ड (नाडी) में अनल एवं अनिल (अग्नि एवं वायु) को (संयुक्त करके)।