— दो अवस्थाओं का युग्म (कर्ता कारक — समासगत); — और (अव्यय); — यहाँ, इस (में) — अव्यय; — कार्यता (कार्य-रूपता) तथा कर्तृत्व (कर्ता-रूपता) नामों से कहा गया (कर्ता कारक — समासगत); — कार्यता — कार्य होने की अवस्था (कर्ता कारक, स्त्रीलिङ्ग); — क्षयिणी — क्षयशील, नाशवान (विशेषण, स्त्रीलिङ्ग); — वहाँ, उस में (अव्यय); — कर्तृत्व — कर्ता होने की स्थिति (कर्ता कारक); — पुनः, फिर (अव्यय); — अक्षय — अनश्वर, अविनाशी (विशेषण)
यहाँ दो अवस्थाएँ कही गई हैं — कार्यता (कार्य-रूप) और कर्तृत्व (कर्ता-रूप); उनमें कार्यता क्षयिणी (नाशवान) है, परन्तु कर्तृत्व अक्षय (अविनाशी) है।