The Vision of Śiva· 6.9 / 126

The Vision of Śiva6.9

6.9
विश्वं न सत्यरूपत्वं तथान्ये त्वात्मवादिनः । भूतजीवपरात्मत्वं ये चान्ये नेतिवादिनः ॥९॥
viśvaṃ na satyarūpatvaṃ tathānye tvātmavādinaḥ | bhūtajīvaparātmatvaṃ ye cānye netivādinaḥ
— विश्व ; — नहीं सत्य-रूपत्व ; — और इसी प्रकार अन्य ; — आत्मवादी ; — भूत-जीव-परात्मत्व (की सत्यता) ; — और जो अन्य ; — 'नेति' वादी

(वे कहते हैं) विश्व का सत्य-रूपत्व नहीं; और इसी प्रकार अन्य आत्मवादी (हैं), (जो) भूत, जीव और परात्मत्व (की सत्यता मानते हैं); और जो अन्य 'नेति-नेति' वादी हैं।