The Vision of Śiva· 6.1 / 126

The Vision of Śiva6.1

6.1
अथ शक्तेः शक्तिमतो न भेदो द्रव्यकर्मवत् । स्थापितो द्रव्यतो भिन्ना क्रिया नो नच नास्ति सा ॥१॥
atha śakteḥ śaktimato na bhedo dravyakarmavat | sthāpito dravyato bhinnā kriyā no naca nāsti sā
— अब ; — शक्ति का ; — शक्तिमान् का ; — भेद नहीं ; — द्रव्य और कर्म के समान ; — स्थापित किया गया ; — द्रव्य से ; — भिन्न ; — क्रिया ; — नहीं ; — और फिर भी वह असत् नहीं

अब, शक्ति का शक्तिमान् से कोई भेद नहीं — जैसे द्रव्य और (उसके) कर्म (क्रिया) में (नहीं); यह स्थापित किया गया है। क्रिया द्रव्य से (सर्वथा) भिन्न नहीं, और फिर भी वह असत् नहीं।