The Vision of Śiva· 5.110 / 110

The Vision of Śiva5.110

5.110
एवं सर्वेषु भावेषु सर्वसाम्ये व्यवस्थिते । तेन सर्वगतं सर्वं शिवरूपं निरूपितम् ॥११०॥
evaṃ sarveṣu bhāveṣu sarvasāmye vyavasthite | tena sarvagataṃ sarvaṃ śivarūpaṃ nirūpitam
— इस प्रकार ; — समस्त भावों में ; — सर्व-समता के ; — व्यवस्थित होने पर ; — उससे ; — सर्वगत (सर्वव्यापी) ; — सब कुछ ; — शिव-रूप ; — निरूपित

इस प्रकार समस्त भावों में सर्व-समता के व्यवस्थित होने पर, उससे सर्वगत (सर्वव्यापी) सब कुछ शिव-रूप निरूपित किया गया।