The Vision of Śiva· 5.61 / 110

The Vision of Śiva5.61

5.61
एतयैव दिशा दूष्यं स्वभावाद्यमसंशयम् । परानुमाने पक्षादौ धर्मादेर्भेद्यभेदिता ॥६१॥
etayaiva diśā dūṣyaṃ svabhāvādyamasaṃśayam | parānumāne pakṣādau dharmāderbhedyabheditā
— इसी दिशा (तर्क) से ; — दूषणीय ; — स्वभाव आदि (से अनुमान) ; — यह ; — निःसंदेह ; — पर-अनुमान में ; — पक्ष आदि में ; — धर्म आदि की ; — भेद्य-भेदिता (विशेष्य-विशेषक भाव)

इसी दिशा (तर्क) से स्वभाव आदि (से अनुमान) निःसंदेह दूषणीय है; और पर-अनुमान (दूसरे के लिए अनुमान) में पक्ष आदि के विषय में धर्म आदि की भेद्य-भेदिता (विशेष्य-विशेषक भाव भी विघटित होती है)।