The Vision of Śiva· 3.49 / 99

The Vision of Śiva3.49

3.49
हेमपिण्डे हेमतैव स्याच्चेन्न मुकुटादिके ॥४९॥
hemapiṇḍe hemataiva syāccenna mukuṭādike
— सोने के पिण्ड में ; — सुवर्णत्व ही ; — होता ; — यदि ; — नहीं ; — मुकुट आदि में

यदि (कहो कि) सुवर्णत्व (केवल) सोने के पिण्ड में होता, मुकुट आदि में नहीं (— तो यह असंगत है, क्योंकि सब में वही एक सोना है)।