हेमपिण्डे हेमतैव स्याच्चेन्न मुकुटादिके ॥४९॥
hemapiṇḍe hemataiva syāccenna mukuṭādike
यदि (कहो कि) सुवर्णत्व (केवल) सोने के पिण्ड में होता, मुकुट आदि में नहीं (— तो यह असंगत है, क्योंकि सब में वही एक सोना है)।
यदि (कहो कि) सुवर्णत्व (केवल) सोने के पिण्ड में होता, मुकुट आदि में नहीं (— तो यह असंगत है, क्योंकि सब में वही एक सोना है)।