तत्र वा तदुपायत्वात्परत्वेनोपचारिता ॥१५॥
tatra vā tadupāyatvātparatvenopacāritā
अथवा वहाँ (यदि वाक् को 'परा' कहा गया है, तो) उस (परम) का उपाय होने के कारण (वह) परत्व से उपचरित (गौण रूप से 'परा' कही गई) है।
अथवा वहाँ (यदि वाक् को 'परा' कहा गया है, तो) उस (परम) का उपाय होने के कारण (वह) परत्व से उपचरित (गौण रूप से 'परा' कही गई) है।