The Vision of Śiva· 3.15 / 99

The Vision of Śiva3.15

3.15
तत्र वा तदुपायत्वात्परत्वेनोपचारिता ॥१५॥
tatra vā tadupāyatvātparatvenopacāritā
— वहाँ ; — अथवा ; — उस (परम) का उपाय होने के कारण ; — परत्व से ; — उपचरित (गौण रूप से 'परा' कही गई)

अथवा वहाँ (यदि वाक् को 'परा' कहा गया है, तो) उस (परम) का उपाय होने के कारण (वह) परत्व से उपचरित (गौण रूप से 'परा' कही गई) है।