The Vision of Śiva· 2.89 / 90

The Vision of Śiva2.89

2.89
कण्ठादौ वदने वायौ व्यापारो वाग्रुतस्य सा । करणं, नादरूपादिशब्दस्यास्ति शिवात्मता ॥८९॥
kaṇṭhādau vadane vāyau vyāpāro vāgrutasya sā | karaṇaṃ, nādarūpādiśabdasyāsti śivātmatā
— कण्ठ आदि में ; — मुख में ; — वायु में ; — व्यापार (क्रिया) ; — वाक् रूप में सुने जाने वाले की ; — वह ; — करण (इन्द्रिय) ; — नाद-रूप आदि शब्द की ; — है ; — शिव-स्वरूपता

कण्ठ आदि में, मुख में, वायु में जो वाक् रूप में सुने जाने वाले की व्यापार (क्रिया) है — वह (केवल) करण (इन्द्रिय) है; (फिर भी) नाद-रूप आदि शब्द की शिवात्मता है।