2.4 अक्षादिवृत्तिभिर्हीनं देशकालादिशून्यकम् ॥४॥ akṣādivṛttibhirhīnaṃ deśakālādiśūnyakam akṣādivṛttibhiḥ — इन्द्रिय आदि की वृत्तियों से ; hīnam — रहित ; deśakālādiśūnyakam — देश-काल आदि से शून्य — इन्द्रिय आदि की वृत्तियों से रहित, तथा देश-काल आदि से शून्य।