The Vision of Śiva· 1.41 / 49

The Vision of Śiva1.41

1.41
स्वशिवत्वमिवाजानन्पश्वात्मव्यपदेशतः ॥४१॥
svaśivatvamivājānanpaśvātmavyapadeśataḥ
— अपने शिवत्व को ; — मानो ; — न जानते हुए ; — 'पशु' (बद्ध जीव) के व्यपदेश से

— अपने शिवत्व को मानो न जानते हुए, 'पशु' (बद्ध जीव) के व्यपदेश से (युक्त होकर)।