1.41 स्वशिवत्वमिवाजानन्पश्वात्मव्यपदेशतः ॥४१॥ svaśivatvamivājānanpaśvātmavyapadeśataḥ svaśivatvam — अपने शिवत्व को ; iva — मानो ; ajānan — न जानते हुए ; paśvātmavyapadeśataḥ — 'पशु' (बद्ध जीव) के व्यपदेश से — अपने शिवत्व को मानो न जानते हुए, 'पशु' (बद्ध जीव) के व्यपदेश से (युक्त होकर)।