The Vision of Śiva· 1.22 / 49

The Vision of Śiva1.22

1.22
एवं सर्वसमुत्पत्तिकाले शक्तित्रयात्मता । न निवृत्ता, नचौन्मुख्यं निवृत्तं, नापि निर्वृतिः ॥२२॥
evaṃ sarvasamutpattikāle śaktitrayātmatā | na nivṛttā, nacaunmukhyaṃ nivṛttaṃ, nāpi nirvṛtiḥ
— इस प्रकार ; — समस्त (वस्तुओं की) उत्पत्ति के समय ; — शक्ति-त्रय-स्वरूपता ; — नहीं ; — निवृत्त ; — और न ; — उन्मुखता ; — निवृत्त ; — न ही ; — निर्वृति

इस प्रकार समस्त (वस्तुओं की) उत्पत्ति के समय शक्ति-त्रय-स्वरूपता निवृत्त नहीं होती, न उन्मुखता निवृत्त होती है, न ही निर्वृति।