cid-ānanda-lābhe dehādiṣu cetyamāneṣv api cid-aikātmya-pratipatti-dārḍhyaṃ jīvan-muktiḥ
sūtra
— चित्-आनन्द की प्राप्ति होने पर; — देह आदि (विषयों) में; — विषय-रूप में अनुभूत होते हुए भी; — भी, यद्यपि; — चित् के साथ ऐक्य-प्रतिपत्ति की दृढ़ता; — जीवन्मुक्ति — जीते-जी मुक्ति
चिदानन्द की प्राप्ति होने पर देह आदि के विषय-रूप में अनुभूत होते रहने पर भी चिति के साथ एकात्म्य-प्रतिपत्ति की दृढ़ता ही जीवन्मुक्ति है।