1.17 मध्यविकासाच्चिदानन्दलाभः ॥१७॥ madhya-vikāsāc cid-ānanda-lābhaḥ sūtra madhya-vikāsāt — मध्य (केन्द्र / मध्य नाड़ी) के विकास से ; cit-ānanda-lābhaḥ — चित्-आनन्द की प्राप्ति होती है मध्य (मध्य नाड़ी / केन्द्र) के विकास से चिदानन्द की प्राप्ति होती है।