The Heart of Recognition · 1.18

The Heart of Recognition 1.18

1.18
विकल्पक्षयशक्तिसङ्कोचविकासवाहच्छेदाद्यन्तकोटिनिभालनादय इहोपायाः ॥१८॥
vikalpa-kṣaya-śakti-saṅkoca-vikāsa-vāha-cchedādy-antakoṭi-nibhālanādaya ihopāyāḥ
sūtra
— विकल्पों का क्षय — विचार-वृत्तियों का विलय ; — शक्तियों का संकोच और विकास ; — वाह-छेद — (प्राण-अपान के) प्रवाह का छेदन ; — आदि — इत्यादि ; — अन्त-कोटि-निभालन — आदि-अन्त दोनों कोटियों का सावधान अवलोकन ; — आदि — इत्यादि (ये तथा अन्य समान) ; — यहाँ (इस उपदेश में) ; — उपाय — साधन

यहाँ (इस मार्ग में) विकल्प-क्षय, शक्ति का संकोच-विकास, (प्राण-अपान के) वाह का छेद, आदि-अन्त कोटियों का निभालन (सावधान अवलोकन) इत्यादि उपाय हैं।