— समाधि के संस्कार से युक्त दशा में; — व्युत्थान में — समाधि से उठकर बाहरी क्रिया में आने पर; — बार-बार; — चित् के साथ ऐक्य के आमर्शन (विमर्श) से; — नित्योदित समाधि — सदा उदित रहने वाली समाधि की प्राप्ति
समाधि के संस्कार से युक्त व्युत्थान-दशा में चित् के साथ ऐक्य के बार-बार आमर्शन (विमर्श) से नित्योदित समाधि की प्राप्ति होती है।