— चिति-रूप अग्नि; — अवरोह-दशा में (बद्ध अवस्था में); — आच्छन्न, ढकी हुई होकर भी; — भी, तथापि; — आंशिक रूप से; — ज्ञेय-रूपी ईंधन को; — जलाती है, भस्म करती है
चिति-रूप अग्नि अवरोह-दशा (बद्ध अवस्था) में आच्छन्न (ढकी) होते हुए भी आंशिक रूप से ज्ञेय-रूपी ईंधन को जलाती रहती है।