Verses on the Recognition of the Lord· 9.4 / 8

Verses on the Recognition of the Lord9.4

9.4
क्रमो भेदाश्रयो भेदो ऽप्य् आभाससदसत्त्वतः आभाससदसत्त्वे तु चित्राभासकृतः प्रभोः ॥४॥
kramo bhedāśrayo bhedo 'py ābhāsasadasattvataḥ ābhāsasadasattve tu citrābhāsakṛtaḥ prabhoḥ
— क्रम ; — भेद पर आश्रित ; — भेद ; — भी, इसके अतिरिक्त ; — आभास की सत्ता-असत्ता से ; — आभास की सत्ता और असत्ता (द्विवचन) ; — किन्तु ; — विचित्र (नाना) आभासन से की हुई ; — प्रभु की

क्रम भेद पर आश्रित है, और भेद भी आभास की सत्ता और असत्ता से (उत्पन्न होता है); किन्तु आभास की वह सत्ता-असत्ता प्रभु के विचित्र (नाना) आभासन से की जाती है।