Verses on the Recognition of the Lord· 12.14 / 21

Verses on the Recognition of the Lord12.14

12.14
अस्मिन् सतीदम् अस्तीति कार्यकारणतापि या साप्य् अपेक्षाविहीनानां जाडानां नोपपद्यते ॥१४॥
asmin satīdam astīti kāryakāraṇatāpi yā sāpy apekṣāvihīnānāṃ jāḍānāṃ nopapadyate
— 'इसके होने पर' (अधिकरण) ; — 'यह होता है' (√अस्) ; — इति — इस रूप में ; — कार्य-कारणता ; — भी ; — जो ; — वह भी ; — (परस्पर) अपेक्षा से रहित (वस्तुओं) के ; — जड़ पदार्थों के ; — युक्त नहीं है (√पद्+उप, आत्मनेपद)

'इसके होने पर यह होता है' इस रूप की जो कार्य-कारणता भी है, वह भी परस्पर अपेक्षा से रहित जड़ पदार्थों में युक्त (सम्भव) नहीं है।