तथैव सद्घटद्रव्यकाञ्चनोज्ज्वलतादयः
आभासभेदा भिन्नार्थकारिणस् ते पदं ध्वनेः ॥५॥
tathaiva sadghaṭadravyakāñcanojjvalatādayaḥ
ābhāsabhedā bhinnārthakāriṇas te padaṃ dhvaneḥ
— इसी प्रकार; — सत्, घट, द्रव्य, काञ्चन (स्वर्ण), उज्ज्वलता आदि; — आभास-भेद — भिन्न आभास; — भिन्न अर्थ उत्पन्न करने वाले; — वे; — पद — आधार-विषय; — ध्वनि (शब्द) का
इसी प्रकार सत्, घट, द्रव्य, काञ्चन (स्वर्ण), उज्ज्वलता आदि — ये भिन्न अर्थ उत्पन्न करने वाले आभास-भेद ही शब्द का पद (आधार-विषय) हैं।