Verses on the Recognition of the Lord· 11.5 / 17

Verses on the Recognition of the Lord11.5

11.5
तथैव सद्घटद्रव्यकाञ्चनोज्ज्वलतादयः आभासभेदा भिन्नार्थकारिणस् ते पदं ध्वनेः ॥५॥
tathaiva sadghaṭadravyakāñcanojjvalatādayaḥ ābhāsabhedā bhinnārthakāriṇas te padaṃ dhvaneḥ
— इसी प्रकार ; — सत्, घट, द्रव्य, काञ्चन (स्वर्ण), उज्ज्वलता आदि ; — आभास-भेद — भिन्न आभास ; — भिन्न अर्थ उत्पन्न करने वाले ; — वे ; — पद — आधार-विषय ; — ध्वनि (शब्द) का

इसी प्रकार सत्, घट, द्रव्य, काञ्चन (स्वर्ण), उज्ज्वलता आदि — ये भिन्न अर्थ उत्पन्न करने वाले आभास-भेद ही शब्द का पद (आधार-विषय) हैं।