Verses on the Recognition of the Lord· 10.1 / 7

Verses on the Recognition of the Lord10.1

10.1
क्रियासंबन्धसामान्यद्रव्यदिक्कालबुद्धयः सत्याः स्थैर्योपयोगाभ्याम् एकानेकाश्रया मताः ॥१॥
kriyāsaṃbandhasāmānyadravyadikkālabuddhayaḥ satyāḥ sthairyopayogābhyām ekānekāśrayā matāḥ
— क्रिया, सम्बन्ध, सामान्य, द्रव्य, दिक् और काल के ज्ञान ; — सत्य, वास्तविक ; — स्थिरता और उपयोगिता से (द्विवचन) ; — एक और अनेक पर आश्रित ; — माने गए (भूत कृदन्त)

क्रिया, सम्बन्ध, सामान्य, द्रव्य, दिक् और काल के ज्ञान — स्थिरता और उपयोगिता के कारण — सत्य (वास्तविक) माने जाते हैं, और (क्रमशः) एक तथा अनेक पर आश्रित कहे जाते हैं।