— उस एक का; — स्मरण करते हैं; — उस एक का; — जप करते हैं; — उस एक को; — जगत् के साक्षी-रूप को; — नमस्कार करते हैं; — उस एक सत् को; — निधान को; — निरालम्ब; — ईश को; — भव-समुद्र की नौका को; — शरण्य को; — शरण लेते हैं
उस एक का हम स्मरण करते हैं, उस एक का जप करते हैं, उस एक को — जगत् के साक्षी-रूप को — नमस्कार करते हैं; उस एक सत्, निधान, निरालम्ब ईश, भव-समुद्र की नौका, शरण्य की हम शरण लेते हैं।