— कुम्भित — श्वास रोकी हुई (विशेषण); — रेचित — श्वास बाहर निकाली हुई (विशेषण); — अथवा (अव्यय); — पूरित — श्वास भरी हुई (विशेषण); — या (अव्यय); — जब हो (विधि लिङ्); — उसके अन्त में (अधिकरण कारक); — 'शान्त' नाम से अभिहित वह (शक्ति) — कर्ता कारक; — उस शक्ति के द्वारा (करण कारक); — शान्त (भैरव) — कर्ता कारक; — प्रकाशित होता है (कर्मवाच्य वर्तमान)
कुम्भक हो, रेचक हो, या पूरक — जब भी ये अवस्थाएँ हों, उनके अन्त में 'शान्त' नामक (शक्ति) के द्वारा वह शान्त (भैरव) प्रकाशित होता है। (धारणा ४)