The Essence of the Tantra· 8.21 / 93

The Essence of the Tantra8.21

8.21

कर्म तु तत्र कर्ममात्रं बुद्धिधर्मस् तु रागः कर्मभेदचित्र इति विभागो वक्ष्यते

Transliteration (IAST)

karma tu tatra karmamātraṃ buddhidharmas tu rāgaḥ karmabhedacitra iti vibhāgo vakṣyate

— कर्म (विषय, जिसकी ओर इच्छा हो) ; — कर्म-मात्र — केवल विषय ; — बुद्धि का धर्म ; — कर्म-भेद से विचित्र ; — विभाग — भेद, विभाजन ; — कहा जायेगा

वहाँ कर्म तो कर्म-मात्र है, किन्तु राग बुद्धि का धर्म है, जो कर्म-भेद से विचित्र है — यह विभाग (आगे) कहा जायेगा।