The Essence of the Tantra· 6.80 / 82

The Essence of the Tantra6.80

6.80

अत एव एकाशीति पदस्मरणसमये विविधधर्मानुप्रवेशमुखेन एक एव असौ परमेश्वरविषयो विकल्पः कालग्रासे न अविकल्पात्मा एव सम्पद्यते इति

Transliteration (IAST)

ata eva ekāśīti padasmaraṇasamaye vividhadharmānupraveśamukhena eka eva asau parameśvaraviṣayo vikalpaḥ kālagrāse na avikalpātmā eva sampadyate iti

— इक्यासी (पद/अक्षर) ; — पदों के स्मरण के समय ; — विविध धर्मों के अनुप्रवेश के मुख से ; — परमेश्वर-विषयक ; — (एक ही) विकल्प ; — काल-ग्रास होने पर ; — अविकल्पात्मक — निर्विकल्प स्वरूप ; — हो जाता है, सम्पन्न होता है

इसी कारण इक्यासी पदों के स्मरण के समय, विविध धर्मों के अनुप्रवेश के मुख से, यह परमेश्वर-विषयक एक ही विकल्प है; और काल-ग्रास होने पर क्या वह अविकल्पात्मक ही नहीं हो जाता?