The Essence of the Tantra· 11.23 / 25

The Essence of the Tantra11.23

11.23

एवम् अनुग्रहनिमित्तं शक्तिपातो निरपेक्ष एव कर्मादिनियत्यपेक्षणात्

Transliteration (IAST)

evam anugrahanimittaṃ śaktipāto nirapekṣa eva karmādiniyatyapekṣaṇāt

— अनुग्रह-निमित्त (अनुग्रह के कारण रूप में) ; — शक्तिपात ; — निरपेक्ष — किसी शर्त से रहित ; — (केवल तिरोभाव ही) कर्म आदि नियति की अपेक्षा रखने के कारण

इस प्रकार अनुग्रह-निमित्त शक्तिपात निरपेक्ष ही है, क्योंकि (केवल तिरोभाव ही) कर्म आदि नियति की अपेक्षा रखता है।