The Vision of Śiva· 3.51 / 99

The Vision of Śiva3.51

3.51
एवं प्रवर्तने तस्य न निमित्तसमुद्गमः ॥५१॥
evaṃ pravartane tasya na nimittasamudgamaḥ
— इस प्रकार ; — प्रवर्तन में ; — उसके ; — नहीं ; — निमित्त (कारण) का समुद्गम (उद्भव)

इस प्रकार उसके (सृष्टि के) प्रवर्तन में किसी (बाह्य) निमित्त का समुद्गम (उद्भव) नहीं होता।