The Vision of Śiva· 2.48 / 90

The Vision of Śiva2.48

2.48
अथ साधारणं ज्ञानं तादृक्किंचन पश्यति ॥४८॥
atha sādhāraṇaṃ jñānaṃ tādṛkkiṃcana paśyati
— अब ; — साधारण (अविभक्त) ; — ज्ञान ; — वैसा ; — कुछ ; — देखती है

अब यदि (कहो कि) वह कोई वैसा साधारण (अविभक्त) ज्ञान देखती है —