2.48 अथ साधारणं ज्ञानं तादृक्किंचन पश्यति ॥४८॥ atha sādhāraṇaṃ jñānaṃ tādṛkkiṃcana paśyati atha — अब ; sādhāraṇam — साधारण (अविभक्त) ; jñānam — ज्ञान ; tādṛk — वैसा ; kiṃcana — कुछ ; paśyati — देखती है अब यदि (कहो कि) वह कोई वैसा साधारण (अविभक्त) ज्ञान देखती है —