— अत्यन्त सूक्ष्म शक्ति-त्रय के सामरस्य से; — वर्तमान रहता है, स्थित रहता है; — चिद्रूप के आह्लाद में परम परायण; — निर्विभाग, अविभक्त; — परम (शिव); — तब
तब वह अत्यन्त सूक्ष्म शक्ति-त्रय के सामरस्य से वर्तमान रहता है — चिद्रूप के आह्लाद में परायण, निर्विभाग, परम (शिव)।