The Vision of Śiva· 1.11 / 49

The Vision of Śiva1.11

1.11
कुत्सितेऽकुत्सितस्य स्यात्कथमुन्मुखतेति चेत् ॥११॥
kutsite'kutsitasya syātkathamunmukhateti cet
— कुत्सित (निन्दनीय वस्तु) में ; — अकुत्सित (निन्दा-रहित शिव) की ; — हो सकती है ; — कैसे ; — उन्मुखता ; — ऐसा ; — यदि (आक्षेप हो)

यदि यह आक्षेप हो कि 'जो अकुत्सित (निन्दा-रहित शिव) है, उसकी किसी कुत्सित (निन्दनीय) वस्तु में उन्मुखता कैसे हो सकती है?' —