— इसलिए, इस प्रकार; — इस प्रकार; — व्यवहार में; — भी; — प्रभु; — शरीर आदि में; — प्रवेश करता हुआ (√विश्+आ, वर्तमान कृदन्त); — भीतर प्रकाशमान को ही (वर्तमान कृदन्त); — भीतर, अन्तः; — अर्थ-समूह (अर्थ-प्रवाह) को; — इच्छा से; — प्रकाशित करे (विधि, प्रेरणार्थक, √भास्); — बाहर
इस प्रकार व्यवहार में भी प्रभु शरीर आदि में प्रवेश करके भीतर प्रकाशमान अर्थ-समूह को अपनी इच्छा से बाहर प्रकाशित करता है।